Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 07, 2015 चलो गौर से फिर मंदिर-मस्जिद निहारा जाये गुमराह शिरत को फिर आइने में उतारा जाए सिर्फ भूख से की खुदखुशी वाज़िब नहीं लगती चलो हर एक इल्ज़ाम का मजहब बनाया जाए ---------------------- श्वेताभ रंजन Read more