तेरा चेहरा............




आब वक्त एक समन्दर सा नही लगता....
जिन्दगी अब बवन्डर सा नही लगता.........
बहुत नजदीक आ गये हो तुम मेरे.............
फिर भी सासो मे उलझन सा नही लगता........

प्यार का हर शर्त जुदा सा नही लगता....
हर शख्स मुझे अब खुदा सा नही लगता....
कुछ दुर तुम्हारे साथ चला हु मै....
फिर भी कुछ थका - थका सा नही लगता

लोग कहते है कि तु अब सबसे खफा नही लगता
तेरा हमसफर तुझसे जुदा नही लगता
सुबह और शाम तु मेरे ख्यलो मे है ऐसे कि
अब तेरा चेहरा ही मुझए खुदा सा लगता
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---------------------------श्वेताभ रंजन---------------

Comments

Anonymous said…
ati ati ati ati sunder shewatabh ji
प्यार का हर शर्त जुदा सा नही लगता....
हर शख्स मुझे अब खुदा सा नही लगता....
कुछ दुर तुम्हारे साथ चला हु मै....
फिर भी कुछ थका - थका सा नही लगता

बहुत ही ख़ूबसूरत लिखा है !
Anonymous said…
beautiful.............

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